Home ट्रेंडिंग खबरें 30 की उम्र से पहले जरूर करें ये 5 काम, जिंदगी भर...

30 की उम्र से पहले जरूर करें ये 5 काम, जिंदगी भर नहीं होगी पैसे की दिक्‍कत

123
Easy ways to Make money Quickly

Financial Tips by age 30: जिंदगी भर पैसे की कमी न हो, इसके लिए हमें नौकरी या बिजनेस के शुरुआती समय से ही  फाइनेंशियल प्‍लानिंग करनी चाहिए. पैसा कमाने से ज्‍यादा जरूरी होता है उसे बचाना और सही जगह निवेश करना, जिससे कि आने वाले समय में हमें उसका रिटर्न मिलता रहे. 20 से 30 साल की उम्र के बीच नौकरी या बिजनेस शुरू करने वाले युवाओं में अकसर यह देखा गया कि वो अपनी फाइनेंशियल प्‍लानिंग को लेकर बहुत अधिक गंभीर नहीं रहते हैं. रिटायरमेंट प्‍लानिंग के बारे में बहुत ही कम युवा इस उम्र में सोचते हैं.

दरअसल, यही फाइनेंशियल प्‍लानिंग का सही समय होता है. शुरुआती समय में ही अगर इस ओर ध्‍यान दिया जाए, तो रिटायरमेंट के बाद की भी लाइफ काफी आसान हो जाती है. साथ ही आपके पास पैसे की कमी नहीं रहती है. आइए एक्‍सपर्ट से जानते हैं कि 30 की उम्र से पहले किस तरह फाइनेंशियल प्‍लानिंग करनी चाहिए, जिससे कि जीवन आराम से गुजरे…

इमरजेंसी फंड बनाना जरूरी (Emergency Fund)

बीपीएन फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम का कहते हैं, 30 से कम उम्र में जब भी आप हों और जॉब या नौकरी शुरू कर दी, तो आपकी सबसे पहली प्राथमिकता एक इमरजेंसी फंड बनाने की होनी चाहिए. इमरजेंसी फंड में करीब 6 महीने के बराबर लाइफ स्‍टाइल (रहन-सहन) के खर्चे की रकम होनी चाहिए. इससे मेडिकल इमरजेंसी, जॉब छूटने जैसी हालातों से निपटने में मदद मिलेगी. इस इमरजेंसी फंड पर अच्‍छे रिटर्न के लिए इसे डेट फंड या हाई इंटरेस्‍ट रेट वाले सेविंग्‍स अकाउंट में लगाएं. हमेशा यह याद रखें कि जबतक इमरजेंसी न हो, इस फंड का इस्‍तेमाल न करें. पर्याप्‍त इमरजेंसी फंड नहीं होने पर आपको अचानक होने वाली फाइनेंशियल जरूरत के लिए लोन लेना पड़ सकता है, जिस पर आपको काफी ब्‍याज भी चुकाना होगा.

रिटायरमेंट प्‍लानिंग करें (Retirement Planning)

निगम बताते हैं, 20 से 30 साल की उम्र वाले युवाओं में अकसर रिटायरमेंट प्‍लानिंग की तरफ रुझान कम रहता है. जबकि, रिटायरमेंट के लिए अच्‍छा  खासा फंड बनाने के लिए निवेश का यही सही समय रहता है. आप जितनी जल्‍दी अपने रिटायर्ड लाइफ के लिए प्‍लानिंग करेंगे, वह उतना ही फायदेमंद होगा. अकसर यह देखा जाता है कि लोग अपनी रिटायरमेंट प्‍लानिंग 30 की उम्र के बाद से शुरू करते हैं, उस समय खर्चे सबसे ज्‍यादा होते हैं और कई दूसरे जरूरी गोल भी होते हैं, जैसे बच्‍चों की हायर एजुकेशन, होम लोन रिपेमेंट. रिटायरमेंट के बाद आपको कितने फंड की जरूरत होगी और कितने मं‍थली इन्‍वेस्‍टमेंट से इसे तैयार किया जा सकता है. इसका आकलन आप रिटायरमेंट कैलकुलेटर का इस्‍तेमाल कर लगा सकते हैं. इसके बाद एक ठोस इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान बनाकर उसे अपनी वर्किंग लाइफ तक बनाए रखें.

इन्‍श्‍योरेंस न करें नजरअंदाज (Insurance Cover)

निगम का मानना है कि फाइनेंशियल प्‍लानिंग में इंश्‍योरेंस कवर को अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए. इसमें टर्म लाइफ प्‍लान और हेल्‍थ इंश्‍योरेंस दो बेहद जरूरी है. 30 की उम्र में हैं तो अकसर डिपेंडेंट्स अधिक हो सकते हैं. इसलिए एक प्‍योर टर्म प्‍लान के जरिए अपने लिए पर्याप्‍त लाइफ इन्‍श्‍योरेंस जरूर रखना चाहिए. यह आपकी परिवार को मुश्किल समय पर्याप्‍त आर्थिक सुरक्षा देता है. इसके अलावा, हेल्‍थ इंश्‍योरेंस निश्चित रूप से सभी को रखना चाहिए. आजकल जिस तरह इलाज का खर्च है, उसे देखते हुए अगर आपके पास हेल्‍थ कवर होना ही चाहिए.

बजट का रखें ध्‍यान (Make Budget)

30 साल या इससे कम की उम्र जीवन का ऐसा समय होता है जब हम अमूमन खर्चीले ज्‍यादा होते हैं. निगम का कहना है कि 30 की उम्र के दायरे में रहते हैं तो यह अधिक बचत करने का बेहतर समय रहता है. हमेशा बजट बनाकर चलना चाहिए. हर महीने आप कहां, कितना खर्च कर रहे हैं, इसका एक रिकॉर्ड जरूर रखें. गैरवाजिब खर्चे कम करने का प्रयास करना चाहिए. निगम का मानना है कि सभी जरूरी खर्चे जैसेकि ईएमआई, किराया, स्‍कूल फीस, डेली और हाउसहोल्‍ड खर्च की लिस्टिंग कर लेनी चाहिए. साथ ही निवेश के लिए जरूरी फंड का भी हिसाब रखें. यह ध्‍यान रखें कि खर्च करने से पहले बचत करना जरूरी है.

इन्‍वेस्‍टमेंट का बनाए ठोस पोर्टफोलियो (Investment Portfolio) 

निवेश को लेकर  युवाओं में यह देखा जाता है कि वो अक्‍सर एक ही जगह अपना पैसा लगा देते हैं. निगम के मुताबिक,  फंड का पूरा इन्‍वेस्‍टमेंट एक ही जगह नहीं करना चाहिए. हमेशा डायवर्सिफाइड इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लान रखें. इसमें अपने फाइनेंशियल गोल, रिस्‍क प्रोफाइल देखकर निवेश का विकल्‍प चुनें. लम्‍बी अवधि के नजरिए से वेल्‍थ तैयार करने के लिए म्‍यूचुअल फंड का ऑप्‍शन अच्‍छा हो सकता है. म्‍यूचुअल फंड से जब रिटर्न मिलेगा तो यह अन्‍य दूसरे एसेट क्‍लास से बेहतर रहेगा. इसके अलावा बाजार के सेफ और गारंटीड रिटर्न , उन्‍हें पीपीएफ, आरडी, एनएससी, एफडी जैसे अल्‍टरनेटिव इन्‍वेस्‍टमेंट ऑप्‍शन भी पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं. वहीं, नौकरी की शुरुआत में आप प्रॉपर्टी और गोल्‍ड को भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल करते हैं, तो यह आने वाले समय में अच्‍छा रिटर्न देगा.